Friday, November 14, 2008

"प्यार" कल और आज

आज एक गीत याद आ रहा है.....
जब भी जी चाहे नयी दुनिया बसा लेते है लोग.....
एक चेहरे पे कई चेहरे लगा लेते है लोग !
आज लोग प्यार का दम भरते है....
I LOVE U बोल कर प्यार का इज़हार करते है!
3 शब्दों में सिमट जाये ये वो बात नहीं है......
छूने स मिल जाये ये वो एहसास नहीं है!
दो लोग अनकही बातो को समझ जाये......ये वो एहसास है,
दूर दूर होने पर भी लगता है..........कि वो पास है!
खामोशी ही सब कुछ कह जाती है.......
आँखों ही आँखों में बात हो जाती है.......
बिन छुए ही उसकी खुशबू साँसों में आती है........
साथ न होते हुए भी उसके साथ का एहसास दिलाती है!
पर आज प्यार की परिभाषा बदल स गयी है........
MOBILE पर प्यार हो जाता है........
SMS में इज़हार हो जाता है....
LIVE-IN-RELATIONSHIP प्यार कहलाता है.......
आज किसी से तो कल किसी और से हो जाता है........
इस तरह जीवन में न जाने कितनी बार "प्यार" हो जाता है!!

22 comments:

nitin said...

आपने बिलकुल सही कहा है,,,,,,,,,,,,
वर्तमान में प्यार के स्वरुप का वास्तविक चित्रण इससे बेहत्तर और क्या हो सकता है,
आपकी कविता प्यार पर व्यंगात्मक टिप्पणी करती है, आज लोगों ने प्यार के ढाई आखर
अर्थ का ही अनर्थ कर दिया है, प्रेम में श्रद्धा, पूजा, समर्पण, विशवास जैसी कोई चीज
ही नहीं बची है......लोगों ने अपने मतलब और स्वार्थ को प्रेम की संज्ञा दे दी है.....
आपने प्रेम का नवीन रूप बहुत सही परिभाषित किया है,,,, आपके अहसास बहुत सुन्दर है....
बधाई............ शुभ-कामना..........................----नितिन शर्मा

masoomshayer said...

areeke se kah gayeen tum
Anil

rajveer singh said...

bhut hi sundar rachna

nikhil said...

gud one dost.aapney aaj kay pyar ki tasvir samney rakh di.aaj pyar pyar nahi fast food ho gaya hai.lekin dost kuch chand logo kay chaltey pyar badal to nahi sakta ,aaj bhi sachey pyar karney waley hai, humey unka saman bhi karna chaiya.keep posting frnd.

मोहन वशिष्‍ठ said...

बहुत सुंदर रचना रानी जी क्‍या बात है
मोबाइल पर प्‍यार हो जाता है
एसएमएस में इजहार हो जाता है
सच में आज की दुनिया का क्‍या कहने हर चीज हाईटेक अच्‍छी रचना

archana said...

rani....
aaj sach mein pyar ke na jane kitne roop dekhne ko milte hai....
kahi pyar nahi mila tu tejab se jala diya.....kahi pyar ko paise se pahechana gaya .....
prem ke shabd ka kitna uphaas hai....

PARVINDER SINGH said...

सच रानी आज दुनिया में लोगों ने अपने मतलब और स्वार्थ को प्रेम की संज्ञा दे दी है!
लेकिन ऐसा भी नहीं की सचा प्यार दुनिया मे नहीं
अभी भी बहुत से दिवाने बाकी हैं जो अपने प्यार के लिए सब कुछ छोड़ सकते हैं
आप ने जो लिखा वो काबिले तारीफ है
आपको बधाई इस सुंदर रचना के लिए

आपका
परविंदर

sakhi with feelings said...

bhaut sahi kaha..aaj kal yahi hai..vastav mein pyar kahin ho gya hai uski jagah swarth ne le li hai aur pyar bhi to apne hi khushi ya enjoy ke liye log akrte hai isliye bhavnaye shayd poori nahi mil pati...isilye ek ke bad pyar hota hai...

sachha pyar milna mushkil hai.

sakhi

manas bharadwaj said...

madam jii aaj to aapne gajab likh diya hai

weldone aaj aapne apne sabdhon ko bhavon ke saath gajab ka piroya hai ...........


likhte rahiye or har baar mujhe jarur bataiyega
main aapko future me hamesha padhna chahunga ...........

Vijay Kumar Sappatti said...

rani,
bilkul sahi kaha hai aapne.

pyar ki gahrai , woh inteha , sab kuch bus khatam sa ho gaya hai aaj ki duniya se..

very good approch ..
badaai

vijay

Akshaya-mann said...

छूने स मिल जाये ये वो एहसास नहीं है!
दो लोग अनकही बातो को समझ जाये......ये वो एहसास है,
दूर दूर होने पर भी लगता है..........कि वो पास है!
खामोशी ही सब कुछ कह जाती है.......
आँखों ही आँखों में बात हो जाती है.......
बिन छुए ही उसकी खुशबू साँसों में आती है........
साथ न होते हुए भी उसके साथ का एहसास दिलाती है!
ye hai pyar ka roop kitni sundarta se vyakt kiya hai ......
ye ehesaas tabhi purn roop le pata hai jab isse jud jata hai samarpan aur vishwaas pyar mai samarpan bhi utna hi mhetv rakhta hai jitna mhetav vishwaas .......
har koi us feeling ko nahi samajh pata nahi samajh pata uske liye tum kiya ho .......
pata nahi aisa kyun hota hai......
shayad samarpan hi pyar ka dusra naam hai........akshaya-mann

aapka swagat hai….
“बदले-बदले से कुछ पहलू”
http://akshaya-mann-vijay.blogspot.com/

aarti said...

hi rani... ekdum sahi likha. aaj ki date me pyar ka matlab sirf nd sirf I LOVE U 3 words hi reh gye hai... nd wo bhi kisi ek se nhi sab se ho jata hai.. pyar ka matlab hi badal gya hai.. jindagi khali khali si ho gyi hai... kisi se baat karte hue bhi dar lagta hai ki kahi wo galat na soche... suddenly log badal jate hai...

Upinder Dhami said...

good
likhte raho

रश्मि प्रभा said...

आज का प्यार ? प्यार कहना और होना अलग बात है......प्यार तो कोमल एहसास है,एक सिहरन,एक कशिश,.......प्यार कल भी यही था,आज भी यही है.......बाकि बकवास!

NEER said...

bilkul sahi kha dear...... aaj ka mahol chnge ho gaya hai...... kisi ke dil mia sachha pyar nhi hai....... bas bol dete hai love u aaj kisi ko.... aur kal koi aur. kisi bhi relation mia pahle wali bat nhi....... sab dikahwa hai....... (sory for lt reply.. bsy in offce)

Archit said...

hmm..!!!

very true
MOBILE पर प्यार हो जाता है........!
SMS में इज़हार हो जाता है..........!

sangeeta said...

छूने स मिल जाये ये वो एहसास नहीं है!
दो लोग अनकही बातो को समझ जाये......ये वो एहसास है,
दूर दूर होने पर भी लगता है..........कि वो पास है!
pyaar ko bahut khoobsurat ehsaas diye hain.aur jo pyaar ko mahaz ek mazaak samjhte hain un par achchha vyang bhi hai. bahut achchha likha hai...god bless u

Akshaya-mann said...

मैंने मरने के लिए रिश्वत ली है ,मरने के लिए घूस ली है ????
๑۩۞۩๑वन्दना
शब्दों की๑۩۞۩๑

आप पढना और ये बात लोगो तक पहुंचानी जरुरी है ,,,,,
उन सैनिकों के साहस के लिए बलिदान और समर्पण के लिए देश की हमारी रक्षा के लिए जो बिना किसी स्वार्थ से बिना मतलब के हमारे लिए जान तक दे देते हैं
अक्षय-मन

Dev said...

Rani ji
"pyar kal aur aaj" me jo aapne pyar ko analysis kiya hai bahut hi sndar aur gahara hai.
Badhi

Jashwant Singh Chaudhary said...

aapki baatoN se sehmat nahi hoon.......lekin achchhi poem.....

AJAY SINGH(Only Student) said...

बहुत ही अच्छी और सत्य कविता ऐसे ही लिखती रहे।AJAY SINGH(ONLY STUDENT)

DB said...

aaj ki satyta achi pesh kash